Lunar Eclipse November 2020: साल के चौथे और आखिरी चंद्रग्रहण को ऐसे देखें लाइव

साल के चौथे और आखिरी चंद्रग्रहण को ऐसे देखें लाइव

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आज आसमान में चंद्रग्रहण (लूनर इक्लिप्स) दिखाई देगा। यह 2020 का चौथा और अंतिम ग्रहण होगा। साल के इस आखिरी चंद्रग्रहण के भारत में दिखाई देने की संभावना नहीं है। हालांकि, यह एशिया के कुछ हिस्सों और यूरोप के कई हिस्सों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक और आर्कटिक में भी देखा जाएगा। यह ग्रहण एक पेनुमब्रल एक्लिप्स होगा, जिसका अर्थ है कि यह तब दिखाई देगा जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया के हल्के गहरे हिस्से से गुजरेगा। इसी को पेनम्ब्रा कहा जाता है।
 

चंद्रग्रहण जुलाई 2020: पेनुमब्रल चंद्रग्रहण क्या है?

एक लूनर इक्लिप्स (चंद्रग्रहण) तीन प्रकार के चंद्र ग्रहणों में से एक है – पूर्ण, आंशिक और पेनुम्ब्रल। एक चंद्रग्रहण के दौरान, पृथ्वी सूर्य की कुछ रोशनी को सीधे चंद्रमा तक पहुंचने से रोकती है और पृथ्वी की छाया के बाहरी हिस्से को, जिसे पेनम्ब्रा कहा जाता है, चंद्रमा के सभी या कुछ भाग को कवर करता है। क्योंकि पृथ्वी की छाया के डार्क कोर की तुलना में पेनुम्ब्रा थोड़ा हल्का डार्क होता है, इसलिए इस ग्रहण को देखना मुश्किल है। यही कारण है कि कभी-कभी पेनुम्ब्रल लूनर इक्लिप्स को लोगों द्वारा पूर्ण चंद्रग्रहण मान लिया जाता है।
 

आज कब और कहां दिखाई देगा चंद्रग्रहण

नॉर्वे की एक साइट timeanddate.com पर उपलब्ध डेटा के अनुसार, चंद्रग्रहण आज दोपहर 1:02 बजे (आईएसटी) पर शुरू होगा और दोपहर 3:12 बजे (आईएसटी) पर अपने चरम पर होगा। यह चार घंटे और 21 मिनट तक चलेगा और शाम 5:23 बजे समाप्त होगा। हालांकि NASA द्वारा प्रदान किए गए दस्तावेज़ के अनुसार, ग्रहण के भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देने की संभावना नहीं है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में इसका आंशिक स्वरूप चंद्रोदय के समय दिखाई दे सकता है।
 

भारत समेत चंद्रग्रहण को घर बैठे लाइव कैसे देखें

आप YouTube पर उपलब्ध कुछ वीडियो स्ट्रीम के जरिए चंद्रग्रहण को लाइव देख सकते हैं। नीचे एक वीडियो भी एम्बेड किया गया है, जहां आप इसे अभी लाइव देख सकते हैं। यदि यह आपके क्षेत्र में दिखाई दे रहा है, तो आप बस बाहर जा सकते हैं और इसे अपनी आंखों से देख सकते हैं।
चंद्र ग्रहण को लाइव देखने के लिए आपको किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं है। हालांकि, एक पेनुमब्रल ग्रहण होने के नाते, पहली नज़र में किसी भी अंतर को समझना मुश्किल हो सकता है।



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